करवाचौथ माता मंदिर: करवा चौथ पर इस मंदिर में उमड़ती है भक्तों की भीड़, मान्यता हुआ कि दर्शन से पूरी होती है इच्छा,
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सावर/केकड़ी 10 अक्टूबर(केकड़ी पत्रिका ) करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है ऐसी मान्यता है कि इस दिन पर निर्जला व्रत करने से सुख वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है
इस दिन पर करवा की पूजा का विधान है ऐसे में आज हम आपको देश के एकमात्र करवा चौथ माता मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं चलिए पढ़ते हैं इस मंदिर की खासियत।
कहां स्थित है करवा माता मंदिर
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के बरवाड़ा गांव में करवा माता का मंदिर स्थापित है यह मंदिर अरावली पर्वत पर करीब एक हजार फीट की ऊंचाई पर बना हुआ है इस मंदिर के आसपास की सुंदरता किसी का भी मन मोह सकती है ऐसे में आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ यह स्थान एक पर्यटक स्थल भी है।
मंदिर से जुड़ी खास बातें
मंदिर तक पहुंचने के लिए 700 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मंदिर में करवा चौथ माता की मूर्ति के साथ-साथ भगवान गणेश और भैरव की मूर्तियां भी विराजमान हैं इस मंदिर में करवा चौथ, भाद्रपद चौथ, माघ चौथ और लक्खी मेला भी लगता है, जिसका हिस्सा बनने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। साथ ही नवरात्र के दौरान भी यहां विशेष आयोजन किए जाते हैं। इस मौकों पर मंदिर की सुंदरता और भव्यता देखते ही बनती है।
मंदिर का इतिहास
कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण सन 1451 में महाराजा भीम सिंह चौहान ने करवाया था, जो माता के परम भक्त थे 1452 में मंदिर का जीर्णोद्घार किया गया। वहीं, मंदिर मार्ग पर बिजल की छतरी और तालाब का निर्माण सन 1463 में कराया गया था। इस मंदिर में राजपूताना शैली की एक अद्भुत झलक देखने को मिलती है करवा माता का मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है।
क्या है मान्यता
ऐसी मान्यता है कि करवा माता मंदिर में देवी मां सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा पूरी करती हैं। इसके साथ ही यहां दर्शन और पूजा करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद भी मिलता है। करवा चौथ के दिन यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
- हंसराज खारोल की विशेष स्टोरी