बघेरा क्षेत्र के काबरिया स्थित तुलसीदास जी की बावड़ी पर बाबा रामसेवक दास जी का आज पंचतत्व में विलीन भक्तों और ग्रामीणों में शोक की लहर
बघेरा 13 जून ( केकड़ी पत्रिका/विजया पाठक ) क्षेत्र के काबरिया स्थित तुलसीदास जी की बावड़ी पर बाबा रामसेवक दास जी का आज पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके स्वर्गवास की खबर से भक्तों और ग्रामीणों में शोक की लहर फैल गई। जैसे ही अंतिम यात्रा निकली, श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देवलोक गमन हो गया जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई बावड़ी के पूज्य महंत बाबा खडेश्वर बाबा का आज स्वर्गवास हो गया। पूरे कावरिया में जुलूस के रूप में बाबा की अंत्येष्टि का जुलूस निकला गया और पूरे गाव और क्षेत्रीय लोगों ने फूल चढ़कर श्रद्धांजलि दी श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
बाबा का अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ गाजे-बाजे और भजन-कीर्तन के बीच संपन्न हुआ।अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीण एवं भक्तजन शामिल हुए।पूरे साधु संत भी भी शामिल हुए उनके निधन का समाचार मिलते ही क्षेत्रभर में शोक की लहर छा गई। बाबा अपने सरल स्वभाव, धार्मिक प्रवृत्ति एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए श्रद्धालुओं के बीच विशेष सम्मान रखते थे।उनकी अंतिम यात्रा श्रद्धा और भक्ति के माहौल में निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं संत समाज के लोग शामिल हुए। भजन-कीर्तन, गाजे-बाजे और जयकारों के बीच बाबा को अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर बाबा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके द्वारा दिखाए गए धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।बाबा खडेश्वर बाबा का जीवन धर्म, सेवा, त्याग और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके सान्निध्य में अनेक लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके स्वर्गवास से क्षेत्र ने एक पूजनीय संत और समाज ने एक प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व को खो दिया है। गाजे-बाजे के साथ दी गई अंतिम विदाई, नम आंखों से उमड़ा जनसैलाब भजन, कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के बीच बाबा की अंतिम यात्रा निकाली गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर अपने प्रिय संत को अंतिम प्रणाम किया। हर आंख नम थी और हर जुबान पर बाबा के प्रति सम्मान और श्रद्धा के भाव थे।