ग्राम सेवा सहकारी समिति गोरधा,पिपलाज, कुशायता, आमली पर डीएपी खाद नहीं होने से किसान दर दर भटकने को मजबूर
कुशायता 09 जून (केकड़ी पत्रिका/हंसराज खारोल) खरीफ फसल की बुवाई की शुरुआत कर दी गई है खेतों की उर्वरक क्षमता बढ़ाने और बेहतरीन उत्पादन के लिए बुवाई के दौरान या ठीक पहले डीएपी ( डाई अमोनियम फास्फोरस) खाद का उपयोग किया जाता है।
मानसून की पूर्व आहट के चलते खेत जुताई कर बुवाई प्रारंभ करती दी गई है लेकिन बुवाई के दौरान उन्हें डीएपी खाद नहीं मिलने से किसान परेशान है| ग्राम पंचायत कुशायता, गोरधा, पिपलाज एवं आमली क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खरीफ फसलों की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में डीएपी खाद की कमी के कारण किसान समितियों के बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
क्षेत्र के किसान गंगाराम मीणा, भवानीराम मीणा, गोपाललाल मीणा, हेमराज दरोगा, रामेश्वर दरोगा, ओमप्रकाश मीणा, रवी वैष्णव, रमेश सेन, रणजीत कुमावत, देवकिशन गुर्जर, मानसिंह मीणा, मेवालाल मीणा, मुलचंद बलाई, महावीर मीणा, भोलू मीणा, शिवराज मीणा सहित अनेक किसानों ने बताया कि फसलों की बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में डीएपी खाद नहीं मिलने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसान खाद लेने के लिए ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
बिसुदनी बांध की बाई नहर के अध्यक्ष गोपाल बलाई तथा दाई नहर के अध्यक्ष लक्ष्मण मीणा ने बताया कि क्षेत्र में डीएपी खाद की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन आपूर्ति नहीं होने से किसानों में चिंता का माहौल है।
ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों ने बताया कि डीएपी खाद की मांग संबंधित विभाग को भेज दी गई है। जैसे ही डीएपी खाद आएगा तब वितरण किया जाएगा, किसानों को नियमानुसार वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
इनका कहना है—
“गोरधा ग्राम सेवा सहकारी समिति पर डीएपी खाद नहीं मिलने से किसानों को दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।”
— गंगाराम मीणा, किसान, गोरधा
“ग्राम सेवा सहकारी समिति गोरधा में डीएपी खाद का स्टॉक समाप्त हो चुका है। नई खेप के लिए मांग भेज दी गई है। खाद उपलब्ध होते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा।”
— विष्णु कुमार खाती, सहायक व्यवस्थापक, ग्राम सेवा सहकारी समिति गोरधा