बिजयनगर में पूज्य महामंडलेश्वर प्रखर जी महाराज का भव्य स्वागत, यज्ञ के प्रभाव पर दिया प्रेरणादायी संदेश
बिजयनगर 02 मई (केकड़ी पत्रिका/तरनदीप सिंह टुटेजा) पुष्कर में सम्पन्न हुए शत गायत्री महापुरश्चरण यज्ञ के उपरांत प्रथम बार बिजयनगर आगमन पर पूज्य महामंडलेश्वर प्रखर जी महाराज का सथाना बाजार स्थित यजमान नवीन शर्मा के निवास पर भक्तों द्वारा भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने महाराजश्री को 51 किलो की माला पहनाकर सम्मानित किया।इस अवसर पर आयोजित स्वागत समारोह में महाराजश्री ने यज्ञ के देश-विदेश में पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से प्रवचन देते हुए कहा कि इस महायज्ञ के परिणामस्वरूप सनातन धर्म का उत्थान होगा, सनातन विरोधी शक्तियां परास्त होंगी तथा विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
उन्होंने बताया कि यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात अनेक भक्तों ने चमत्कारिक अनुभूतियां प्राप्त की हैं और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम और अधिक स्पष्ट रूप से देखने को मिलेंगे।महाराजश्री ने यज्ञ में सहयोग देने वाले समस्त ब्राह्मण समाज एवं अन्य समाजों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज में संस्कारों का जागरण होना आवश्यक है। ब्राह्मण अपने मूल कर्तव्यों का पालन कर समाज का आध्यात्मिक नेतृत्व करें, जिससे समस्त समाज का कल्याण संभव है।यज्ञ के यजमान नवीन शर्मा 43 दिवस तक त्रिकाल संध्या सहित विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों में संलग्न रहे तथा आयोजन मंडल की केंद्रीय समिति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। उनके परिवार का भी इस आयोजन में उल्लेखनीय योगदान रहा।
स्थानीय निवासी ओमप्रकाश शर्मा सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भी सेवा कार्यों में सहभागिता निभाई।उल्लेखनीय है कि इस भव्य यज्ञ में 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा की, वहीं 2000 बटुक ब्राह्मणों द्वारा 27 करोड़ गायत्री मंत्र जप तथा 200 यजमानों द्वारा 3 करोड़ गायत्री मंत्र सहित अन्य वैदिक मंत्रों की आहुतियां दी गईं। इस विशाल आयोजन की संपूर्ण योजना विजयनगर में ही तैयार की गई थी।कार्यक्रम में स्वामीजी, माता चिदानंदमयी, ओमप्रकाश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, पवन बोर्दिया, राजकुमार काल्या, सुमित काल्या, जगदेव सिंह, गणपत मुनीम, हंसराज गुर्जर, अरुण जोशी, प्रद्युम्न व्यास, गुलाबपुरा के मधुसूदन पारीक, दिनेश शर्मा, महेंद्र शर्मा सहित नगर के सैकड़ों धर्मावलंबी एवं मातृशक्ति की गरिमामयी उपस्थिति रही।