विधायक सांखला का सदन में संबोधन: शंभूगढ़ को पंचायत समिति बनाने पर जताया आभार, जिला परिषद सदस्यों के लिए मानदेय की मांग
आसींद /जयपुर 26 फरवरी केकड़ी पत्रिका/विजयपाल सिंह राठौड़) विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मांग संख्या 52 (पंचायती राज) और मांग संख्या 53 (ग्रामीण विकास) पर चर्चा करते हुए आसींद विधायक जब्बर सिंह सांखला ने सरकार की योजनाओं का समर्थन किया और विपक्ष पर जमकर चुटकी ली।विपक्ष पर तंज और सरकार की सराहना विधायक सांखला ने अपने संबोधन की शुरुआत शायराना और व्यंग्यात्मक अंदाज में की।
उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष के चेहरों को देखकर चुनाव की याद आ रही है। सांखला ने कहा, “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उनकी कैबिनेट ने जब से तीसरी संतान की बाध्यता को हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, तब से सामने वाली लाइन (विपक्ष) के चेहरे उखड़े-उखड़े नजर आ रहे हैं।” उन्होंने सरकार के इस फैसले को ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के हित में क्रांतिकारी बताया।शंभूगढ़ पंचायत समिति के लिए जताया आभारक्षेत्रीय विकास के मुद्दे पर बोलते हुए विधायक ने आसींद विधानसभा क्षेत्र में 24 नवीन ग्राम पंचायतें और शंभूगढ़ को नवीन पंचायत समिति बनाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक विकेंद्रीकरण होगा और आमजन के काम घर के पास हो सकेंगे।ग्राम पंचायत धोली और जैतपुरा पर ध्यान आकर्षित कियासदन के माध्यम से विधायक ने एक तकनीकी त्रुटि की ओर भी इशारा किया। उन्होंने बताया कि पूर्व में धोली और जैतपुरा को अलग-अलग ग्राम पंचायत बनाने का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन तकनीकी चूक के कारण दोनों को मिलाकर एक ही पंचायत बना दिया गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जनहित को देखते हुए इस त्रुटि को सुधार कर दोनों को पृथक पंचायत बनाया जाए।जनप्रतिनिधियों के मानदेय और फंड की उठाई मांगविधायक सांखला ने पंचायत राज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला परिषद सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों की पैरवी की।
उन्होंने मांग रखी कि:जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का वेतन (मानदेय) निर्धारित किया जाए।इन सदस्यों को विधायक और सांसद की तर्ज पर सालाना विकास फंड जारी किया जाए ताकि वे अपने क्षेत्र की छोटी-मोटी विकास योजनाओं को धरातल पर उतार सकें।