सक्रिय हुए पश्चिचमी विक्षोभ के कारण बदला मौसम का मिज़ाज: रिमझिम बारिश से बढ़ी सर्दी, किसानों के चेहरे खिले
कुशायता, 01 जनवरी (केकड़ी पत्रिका/हंसराज खारोल) सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से गुरुवार तड़के करीब सुबह 4 बजे मौसम ने अचानक करवट ले ली। क्षेत्र में तेज ठंडी हवाओं के साथ रुक-रुककर हो रही रिमझिम बारिश ने मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदल दिया, जिससे सर्दी में इजाफा दर्ज किया गया। कुशायता में न ए साल की शुरुआत पर रिमझिम बारिश का दोर हुआ शुरू।
मोसम के बदले मिज़ाज से तापमान में भारी गिरावट आई हैअनेकों जगह पर दिखा कोहरे का असर भी देखा गया है,सीजन की पहली मावठ से खिले किसानों चेहरे पर रौशन देखी गई है।रबी की फसलों के लिए अमृत का काम करेगी मावठ ह,कुशायता, बिसुदनी, गोरधा, पिपलाज, सोकिया का खेड़ा, कीडवा का झोपड़ा, आमली, आमली खेड़ा, लोधा का झोपड़ा सहित आसपास के सभी गांवों में गुरुवार सुबह 4 बजे से ही बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया, जो समाचार लिखे जाने तक जारी रहा।
आसमान में घने बादलों का डेरा बना हुआ था।किसानों की फसलों को मिला अमृत ग्रामीण किसानों गंगाराम मीणा, सोजी नाथ योगी, कालूराम खारोल, भागचंद मीणा, दशरथ खारोल, रणजीत कुमावत, ओमप्रकाश मीणा, रवि वैष्णव, मेवालाल मीणा, हेमराज दरोगा, जगदीश खारोल, लालाराम बैरवा, शिवराज खारोल, भवानीराम मीणा, सियाराम वैष्णव, गोपाल मीणा, भोलूराम मीणा और मानसिंह मीणा ने बताया कि गुरुवार को सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बारिश से कुशायता क्षेत्र में रबी फसलों की पहली मावट हुई है।गेहूं, चना और सरसों की फसलों को इससे खासा लाभ हुआ है, जिससे किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है। किसानों का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए अमृत के समान है|
किसानों के लाखों रुपये बचेबारिश के कारण किसानों को बिसुदनी बांध की दाईं व बाईं मुख्य नहर से इंजन लगाकर सिंचाई नहीं करनी पड़ी। इंद्रदेव की कृपा से डीजल खर्च की बचत हुई, जिससे किसानों के लाखों रुपये बच गए।हालांकि, कुछ स्थानों पर सरसों की फसल में नमी बढ़ने से पापड़ा (फफूंदी) लगने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
तालाबों व एनिकटों में पानी की आवक
लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र के जलाशयों, तालाबों और नाड़ियों में अच्छी पानी की आवक दर्ज की गई है।राजोला तालाब, मोडिया सागर, मसानी नाड़ी, गुची नाड़ी, बालरा तालाब, बिसुदनी बांध, पिपलाज नाहर सागर बांध, सुरजपुरा नाड़ी, कीडवा का झोपड़ा तालाब, गोरधा की भरणी नाड़ी, चोकी नाड़ी, बड़ा तालाब, लोडकिया तालाब तथा चिकलिया और मोटालाव के धार्मिक तालाबों में पानी की आवक हुई है।इसके अलावा बिसुदनी से किशनपुरा, माधोपुरा तथा गोरधा से चिकलिया मार्ग के एनिकटों में भी पानी बहता नजर आया।🚧 आमजन को परेशानीबारिश के चलते गांवों के कच्चे रास्तों पर कीचड़ हो गया है, जिससे रास्ते फिसलन भरे बन गए हैं।
आमजन को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ स्थानों पर कच्चे मकानों के ढहने की भी सूचना मिली है।समाचार लिखे जाने तक क्षेत्र में बूंदाबांदी जारी थी और मौसम के और बिगड़ने की संभावना बनी हुई है। सरकारी स्कूलों की छत टपकने लगी है ।सक्रिय हुए पश्चिचमी विक्षोभ के कारण गुरूवार को सुबह 4 बजे से बारिश होने से सरकारी स्कूलों में सरकारी बिल्डिंगों में छत टपकने लगी है लगी है|