नगर पालिका के कर्मचारी पर पत्रकार से मारपीट और जातिसूचक शब्दों से अपमान का आरोप,नगर पालिका केकड़ी में कवरेज के दौरान हुआ विवाद
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केकड़ी 10 अक्टूबर (केकड़ी पत्रिका/अम्बा लाल गुर्जर) नगर पालिका केकड़ी में आयोजित शहरी सेवा शिविर के दौरान कवरेज करने पहुंचे विराट वैभव अखबार के संवाददाता मुकेश नायक के साथ नगर पालिका के वरिष्ठ प्रारूपकार संजय सारस्वत द्वारा मारपीट, जातिसूचक शब्दों से अपमान और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है।
पत्रकार ने थाने में दी रिपोर्ट
प्रार्थी मुकेश नायक पुत्र भंवरलाल नायक, निवासी भट्टा कॉलोनी, केकड़ी, ने पुलिस थाना केकड़ी शहर में दी रिपोर्ट में बताया कि दिनांक 4 अक्टूबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे वह नगर पालिका परिसर में शहरी सेवा शिविर की कवरेज के लिए गए थे। कवरेज के बाद उन्होंने अपने साथी पत्रकार शिवप्रकाश चौधरी के चाचा गोपाल जाट की पट्टे की पत्रावली के बारे में नगर पालिका के वरिष्ठ प्रारूपकार संजय सारस्वत से बात की।
पचास हजार रुपये की मांग और धमकियां
रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान संजय सारस्वत ने कहा कि उसने गोपाल जाट से पचास हजार रुपये की मांग की थी, लेकिन पैसे न देने पर वह पट्टे की पत्रावली खारिज कर देगा। जब प्रार्थी मुकेश नायक ने पत्रावली खारिज करने का कारण पूछा, तो सारस्वत आग बबूला हो गया और थप्पड़, मुक्कों से मारपीट की, जिससे मुकेश नायक के पीठ, हाथ और पैरों पर चोटें आईं।
जातिसूचक शब्दों से अपमान और जान से मारने की धमकी
मुकेश नायक ने बताया कि मारपीट के दौरान मुल्जिम ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और कहा — “साले नौच जात के नायकड़े, तेरे जैसे पत्रकार मैंने बहुत देखे हैं, तू हमेशा नगर पालिका का कवरेज करने आ जाता है।”मौके पर मौजूद पत्रकार तिलक माथुर, सुरेंद्र जोशी, पियूष राठी, नीरज लोढ़ा, सिकंदर अली, मनोज गुर्जर और दीपक दाधीच ने बीच-बचाव कर स्थिति संभाली।
धमकी और डर के कारण रिपोर्ट में देरी
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि मुल्जिम संजय सारस्वत ने उन्हें झूठे राजकार्य बाधा के मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी, जिससे वे डर गए और रिपोर्ट दर्ज कराने में देरी हुई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस थाना केकड़ी शहर में मामला दर्ज कर लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मामला अपराध धारा 115(2), 126(2), 351(3), 199(ख) बीएनएस एवं अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(आर)(एस), 3(2)(वीए) के तहत दर्ज किया गया है।मामले की जांच आरपीएस अधिकारी हर्षित शर्मा (सीआई, केकड़ी) के सुपुर्द की गई है।