श्री राम महायज्ञ: विधायक गौतम ने महायज्ञ में पहुंच संत-महात्माओं का किया आशीर्वाद प्राप्त
बघेरा 24 मई (केकड़ी पत्रिका) काबरिया ग्राम पंचायत बघेरा स्थित अति प्राचीन हनुमान मंदिर तुलसीदास जी की बावड़ी में आयोजित नवकुण्डात्मक श्रीराम महायज्ञ का षष्ठ दिवस श्रद्धा, भक्ति और सनातन चेतना के भव्य वातावरण के मध्य संपन्न हुआ। महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं तथा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियाँ अर्पित कर लोककल्याण, राष्ट्र समृद्धि एवं विश्व शांति की मंगलकामना कर रहे हैं।
षष्ठ दिवस पर क्षेत्रीय विधायक शत्रुघ्न गौतम विशेष रूप से महायज्ञ में पहुंचे, जहाँ उन्होंने संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त कर पूजन एवं हवन में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने सनातन धर्म की रक्षा एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण की कामना करते हुए समाज को जागरूक रहने का संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने हिन्दुत्व का खुलकर समर्थन करते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया।महायज्ञ के दौरान बजरंग दल बघेरा की ओर से हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सामूहिक पाठ के पश्चात बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा अखाड़ा प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और धार्मिक जोश का संचार किया। युवाओं द्वारा पारंपरिक शौर्य कला एवं धार्मिक अनुशासन का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र बना रहा।महायज्ञ में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों एवं पूजन की बोलियों में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भेरुजी महाराज की विशेष पूजा हेतु धनराज जी धाकड़, काबरिया की ओर से 21 हजार रुपये की बोली लगाई गई। बीर कंठ की बोली सुखलाल जी धाकड़, नारेडा की ओर से 15 हजार रुपये तथा हंसराज जी धाकड़, काबरिया की ओर से 11 हजार रुपये में छोड़ी गई। शंख की बोली बालूजी धाकड़, काबरिया की ओर से 6100 रुपये में संपन्न हुई।तुलसी-शालिग्राम विवाह की बोली छितर जी धाकड़, बद्रीपुरा की ओर से 31 हजार रुपये में छोड़ी गई। वहीं झालर की बोली कैलाश जी जाट, काबरिया की ओर से 15 हजार रुपये में लगाई गई। आगामी 25 मई 2026 को प्रधान कुंड की बोली गोपाल जी पटेल, काबरिया की ओर से 2 लाख 52 हजार रुपये घोषित की गई है।
बालाजी महाराज की विशेष पूजा हेतु हीरालाल जी तेतरवाल टोपा सूबेदार द्वारा 1 लाख 1 हजार 111 रुपये की बोली लगाई गई, जबकि वट-पीपल पूजा हेतु लादू जी धाकड़, बद्रीपुरा की ओर से 61 हजार रुपये की बोली छोड़ी गई।भारतीय सेना में धर्मगुरु के पद पर कार्यरत राजगुरु पंडित मृत्युंजय शास्त्री के निर्देशन में संपन्न हो रहे इस महायज्ञ में प्रतिदिन वैदिक विधि-विधान से पूजन, हवन, देव आवाहन एवं विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। साथ ही श्रीमद्भागवत कथा एवं रात्रिकालीन रामलीला मंचन श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और आदर्श जीवन मूल्यों से जोड़ रहे हैं।आचार्य पंडित महावीर शास्त्री देवगांव ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की आत्मा है और ऐसे आयोजन समाज में धर्म चेतना, संस्कार एवं आध्यात्मिक जागरण का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन संस्कृति की रक्षा और वैदिक परंपराओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।यज्ञ स्थल पर वैदिक ऋचाओं की गूंज, हवन की दिव्य सुगंध और संत-महात्माओं के सान्निध्य से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु भक्ति भाव से अनुष्ठानों में भाग लेकर अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की मंगलकामना कर रहे हैं।