15 April 2026

सोकिया का खेडा में विशाल नो कुण्डीय सप्त दिवसीय महायज्ञ 7 से 14 मई ,भव्य कलश यात्रा 7 मई को

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कुशायता 03 मार्च( केकड़ी पत्रिका/ हंसराज खारोल) निकटवर्ती ग्राम पंचायत गोरधा मुख्यालय क्षेत्र के गाँव सोकिया का खेड़ा में 7 मई से 14 मई 2026 तक विशाल नो कुण्डीय सप्त दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर गाँव में उत्साह का माहौल है तथा तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।सागर के हनुमान जी यज्ञ समिति एवं समस्त ग्रामवासी सोकिया का खेड़ा ने बताया कि महायज्ञ का आयोजन श्री श्री 1008 संत रामप्रिय दास जी महाराज (वृन्दावन) के सान्निध्य में किया जाएगा।

यज्ञाचार्य पंडित राजेंद्र पाराशर शास्त्री (वास्तु एवं ज्योतिष विशेषज्ञ, अजमेर) की उपस्थिति में समस्त कार्यक्रम वैदिक विधि-विधान से संपन्न होंगे।7 मई को भव्य कलश यात्रा 7 मई 2026 को प्रातः 7:15 बजे चारभुजा मंदिर, सोकिया का खेड़ा से भव्य कलश यात्रा प्रारंभ होगी। यह यात्रा मीणा मोहल्ला, शर्मा मोहल्ला, वैष्णव दरोगा मोहल्ला होते हुए बालाजी हनुमान जी महाराज मंदिर पहुंचेगी।रामलीला एवं कथा6 मई से 14 मई 2026 तक प्रतिदिन रात्रि 8:30 बजे से रामलीला का मंचन किया जाएगा। वहीं प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक कथा का आयोजन होगा।

7 मई 2026 के प्रमुख अनुष्ठानदशविधि स्नान, हेमाद्री स्नान, स्नानांत तर्पण, पापघट दान, छाया दान, भगवत पूजन, प्रायश्चित हवन, ब्रह्मचर्य पालन, संक्षिप्त नाड़ी श्राद्ध, ब्राह्मण चरण वंदन, सुमंगल कलश यात्रा, मंडल पूजन, पुण्याहवाचन, कुशकंडिका, अरबी मंथन एवं अग्नि स्थापना जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

8 मई से 13 मई 2026इन दिनों वेद पाठ, दुर्गा पाठ, गीता पाठ, महामृत्युंजय जाप, राम महामंत्र जाप, नित्य पूजन, नित्य हवन, महाआरती, पुष्पांजलि, प्रदक्षिणा एवं क्षमा प्रार्थना के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।14 मई 2026 को पूर्णाहुति अंतिम दिवस हवन, तर्पण, मार्जन, विप्रभोजन संकल्प, पूर्णाहुति, अग्नि उपस्थान, दिगपाल व क्षेत्रपालादि बलिदान, महालक्ष्मी होम, उत्तर पूजन, पूर्ण पात्र दान, द्वादश महादान, बहिहोम, अवमृत स्नान, प्रसाद वितरण एवं महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।

साथ ही आगंतुक संत-महात्माओं का सम्मान व विदाई कार्यक्रम अभिजीत मुहूर्त में संपन्न होगा।विशेष आकर्षणमहायज्ञ के दौरान 1111 कलशों की भव्य शोभायात्रा, श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का अमृत प्रवाह, भगवान श्रीराम की लीलाओं का दिव्य दर्शन, प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या, लोकप्रिय कलाकारों द्वारा भजन एवं दिव्य झांकियां, महिला मंडल द्वारा मंगल गीत तथा विश्रामोत्सव में 551 गांवों से हरि बोल प्रभात फेरी का संगम विशेष आकर्षण रहेगा।यज्ञ समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

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