गुरु आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज के चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन व आचार्य प्रज्ञा सागर के पाद प्रक्षालन का हुआ आयोजन, मैराथन दौड़ कल,
केकड़ी 02 जनवरी (केकड़ी पत्रिका/अम्बा लाल गुर्जर)युध्द के पश्चात बदले की आग में जल रहा धृतराष्ट्र दिखावटी प्रेम दिखाकर भीम को गले लगाकर मारना चाहता था, भगवान कृष्ण ने इसे भांप लिया ओर भीम को सावचेत कर दिया था, भीम का पुतला चकनाचूर हो गया ओर भीम बच गया ।दुनियाँ में अधिकांश लोग दिखावटी प्रेम करते है ।चाहे मरण मौत हो, बिटिया की शादी की विदाई हो, दिल से रोने वाले 2-4 ही होते है । बाकी तो सिर्फ दिखावा करते है ।आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि भक्ति भगवान की हो या गुरु की या फिर प्रेम परिजन से हो या मित्र से , प्रेम करना है तो निष्ठा त्याग और समर्पण से करना चाहिए ।फल की इच्छा करके कर्म करने वाला स्वार्थी होता है ।अच्छे कर्म करते रहो, फल अपने आप अच्छा मिलेगा ।
प्रवचन से पूर्व गुरु आचार्य पुष्पदंत सागर महाराज के चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन व आचार्य प्रज्ञा सागर के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य पारस मल महावीर प्रसाद, लाभ चंद, जिनेन्द्र कुमार बघेरा परिवार को मिला ।

प्रातःकालीन नित्यनियम पूजा,जिनाभेषेक,शान्तिधारा आचार्य श्री के सानिध्य में समपन्न हुआ ।हरित पर्यावरण मैराथन व मंगल विहार 3 जनवरी को परमपूज्य आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज के सानिध्य में तथा स्थानीय विधायक शत्रुघ्न गौतम के नेतृत्व में एक विशाल हरित पर्यावरण मैराथन दौड़ नेमीनाथ मंदिर सांपन्दा रोड से दोपहर 1 बजे चौसला कॉलोनी बघेरा रोड तक जाएगी । इस मैराथन दौड़ मे भाग लेने वालों को टी-शर्ट और कैप प्रदान की जाएगी ।आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज और विधायक महोदय साथ इस मेराथन दौड़ में चलेंगे, चोसला कॉलोनी पहुंच कर हरित पर्यवारण कार्यक्रम के तहत वृहद पौधारोपण किया जायेगा।
पौधरोपण कार्यक्रम के पश्चात आचार्य श्री वहीं से टोडारायसिंह के लिए मंगल विहार करेंगे ।आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में बताया कि उन्होंने अपने जीवन मे एक करोड़ पेड़ लगाने का नियम लिया हुआ है ।उसी की अनुपालना में आचार्य श्री जहाँ भी विहार करते है वहाँ अपने भक्तों के माध्यम से पेड़ लगाने का कार्यक्रम करते है ।गुरु आस्था परिवार समाज के 50 सदस्यों का गुरु आस्था परिवार का गठन किया गया । आचार्यश्री ने गुरु आस्था परिवार केकड़ी के सभी सदस्यों को माला पहनाकर गुरुदेव के चरणचिह्न स्मृति स्वरूप प्रदान किए ।
सांयकालीन कार्यक्रम आज शाम को वृद्ध जन सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा जिसमे 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों का समाज द्वारा सम्मान किया जाएगा ।