बार एसोसिएशन अजमेर के सानिध्य में आयोजित होली समारोह हिंदुस्तान के न्यायिक परिवार की है मिसाल-राजेश यादव

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अजमेर 22 मार्च (केकड़ी पत्रिका न्यूज़ पोर्टल/डॉ.मनोज आहूजा ) जिला बार एसोसिएशन अजमेर की और से शुक्रवार को आयोजित होली स्नेह मिलन के कार्यक्रम में बार और बैंच का अनूठा सामंजस्य देखने को मिला, जिला जज संगीता शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से बार और बैंच के रिश्तों में मधुरता आती है,अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राठौड़ ने कहा कि अजमेर बार कि और से आयोजित होली स्नेह मिलन समारोह एक अनूठा कार्यक्रम होता है जिसके माध्यम से रिश्तों में मधुरता कायम होती है और उनका उद्देश्य भी यही है।

कार्यक्रम शुरू करने से पूर्व बार के पदाधिकारी ढ़ोल नंगाड़े बजाते हुए जिला जज संगीता शर्मा सहित सभी न्यायिक अधिकारीयों को समारोह स्थल पर लेकर पहुंचे तो वहीं जिला न्यायाधीश संगीता शर्मा को राजमाता शिवगामी देवी की उपाधि से नवाजा जाकर उसी अनुरूप उनका स्वागत अभिनन्दन कर एंट्री दी गई जिससे कार्यक्रम की भव्यता दिखाई दे रही थी।

कार्यक्रम के शुभारम्भ का आगाज करते हुए एडवोकेट विवेक पाराशर ने शुभकंर के रुप में राजेश टंडन एडवोकेट को नोटेरी पब्लिक के रूप में आमंत्रित कर कार्यक्रम का आगाज किया तथा मंच संचालन की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश टंडन को सौंपी।होली महोत्सव का शुभारम्भ करते हुए सर्वप्रथम पोस्टर का विमोचन किया जिसको देखते ही सबको हँसने गाने पर विवश कर दिया।

इसके बाद शुरू हुआ रंगारंग कार्यक्रम जिसके पूर्व फूलों की वर्षा कर बार और बैंच ने होली खेली,अधिवक्ताओं ने रंग रंगीलो फागन से सामूहिक गीत गाकर शुभारम्भ किया।वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत शर्मा ने ये माना मेरी जां मोहब्बत सजा है गीत को गाकर रंगा रंग कार्यक्रम की राग छेड़ दी जिसको आगे बढ़ाते हुए गोपी पंजाबी एडवोकेट ने सदाबहार नगमा प्रस्तुत किया,जिसे आगे बढ़ाते हुए युवा अधिवक्ता संदीप धाभाई ने याद आ रहा है तेरा प्यार गाकर खूब वाहवाही बटोरी तो आकाश विश्वकर्मा ने भी फंस गई जल मछली गाकर सबको तालियां बजाने के लिए विवश कर दिया।

इसी बीच न्यायाधीशों को उपाधि देकर भी उनका अभिनन्दन किया गया।अपर जिला न्यायाधीश विकास चौधरी को डेढ़ होशियार की उपाधि देकर उनका अभिनन्दन किया गया तो पोक्सो जज बन्नालाल जाट व मजिस्ट्रेट प्रीतम सिंह को सर्वश्रेष्ठ अधिकारी की उपाधि देकर उनका अभिनन्दन किया गया।न्यायाधीश राजेंद्र बंशीवाल ने चाहिए तेरा प्यार, थोड़ा प्यार चाहिए गीत गाकर भी खूब वाहवाही लूटी जिसे आगे बढ़ाते हुए पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश राजीव बिजलानी ने देखा ना हाय रे,सोचा ना गीत गाकर महफ़िल को चार चाँद लगा दिए,पारिवारिक न्यायालय के वरिष्ठ मुन्सरीम संदीप माथुर ने हाल क्या है दिलों का ना पूछो सनम गीत गाकर सबको गुनगुनाने पर विवश कर दिया।न्यायाधीश अमर वर्मा ने किसका रास्ता देखें ऐ दिल के सौदाई गीत गाकर महफ़िल को सदाबहार बना दिया।एडवोकेट धर्मेंद्र मल्होत्रा ने देखो देखो देखो ऐसा मौका फिर कहाँ मिलेगा गाकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी,एडवोकेट ललित कुम्पावत ने तेरे जैसा यार कहां गीत गाकर दोस्ती ज़िंदाबाद के नारे लगवा दिए वहीं गोपाल बंजारा व उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका ने भी खूब दाद बटोरी।कार्यक्रम के बेहतरीन संचालन के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश टंडन व विवेक पाराशर की प्रशंसा सुनने को मिली।

अंत में सचिव राजेश यादव ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि होली स्नेह मिलन का यह आयोजन हिंदुस्तान के न्यायिक परिवार में एक बेमिसाल कार्यक्रम होता है जिसके माध्यम से बार और बैंच के रिश्तों में मधुरता आती है जो न्यायिक परिवार के लिए आवश्यक भी है।

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