30 August 2025

कविता

विश्व हास्य दिवस : इंसानों की तरह हँसो,

आप कैसे भी हँसो इंसानों की तरह हँसो, सेहत के लिए निहायत जरूरी हैं हँसना! बेगानी शादी में अब्दुला दीवाना...

काव्य/शायरी/मुक्तक: बे- वक्त !!

अगर मैं बेवक्त बोल जाता ख़ताये तुम्हारी,जीती हुई बाजी हार जाता यही समझदारी! जज्बातों पर आंच आये तो बोलना चाहिए,कब...

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