श्री प्राज्ञ महाविद्यालय बिजयनगर में‘एआई फॉर आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित हाइब्रिड वेबिनार का आयोजन
बिजयनगर 05 फ़रवरी (केकड़ी पत्रिका/तरनदीप सिंह) शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (MIC) और AICTE के सहयोग में, महाविद्यालय के इंस्टिट्यूशन इनोवेशन कौंसिल (IIC) के तत्वाधान में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका को रेखांकित करते हुए महाविद्यालय मे कंप्यूटर संकाय द्वारा “एआई फॉर आत्मनिर्भर भारत” थीम पर एक विशेष वेबिनार का आयोजन किया गया। यह वेबिनार हाइब्रिड मोड में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सहभागिता की।
वेबिनार की मुख्य वक्ता अंजलि कावड़िया, असिस्टेंट प्रोफेसर, वर्धमान गर्ल्स महाविद्यालय, ब्यावर रहीं। उन्होंने अपने प्रेरक और ज्ञानवर्धक उद्बोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की कार्यसंस्कृति है। एआई के माध्यम से भारत न केवल तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की भूमिका भी निभा सकता है।अंजलि कावड़िया ने विद्यार्थियों को AI ecosystem में उपलब्ध करियर अवसरों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, हेल्थकेयर AI, फिनटेक और एजुकेशन टेक जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित करियर की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने और कौशल आधारित सीख पर ध्यान देने का आह्वान किया।वेबिनार में बच्चों और युवाओं में AI क्षमता विकसित करने पर भी विशेष चर्चा की गई।
वक्ता ने कहा कि यदि स्कूल और कॉलेज स्तर से ही विद्यार्थियों को तार्किक सोच, कोडिंग, समस्या समाधान और डेटा विश्लेषण से जोड़ा जाए, तो वे भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक ही AI साक्षरता के सेतु बन सकते हैं l महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. दुर्गा कंवर मेवाड़ा ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा को रोजगारपरक बनाना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे वेबिनार विद्यार्थियों को नई दिशा देते हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
उन्होंने कंप्यूटर संकाय की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई। वेबिनार के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर मुख्य वक्ता द्वारा सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से दिया गया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा मुख्य वक्ता एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।