28 January 2026

बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर एम एल डी में विद्यारम्भ संस्कार एवं नेताजी जयंती का आयोजन

0
IMG-20260123-WA0013

केकड़ी 23 जनवरी (केकड़ी पत्रिका ) श्री मिश्री लाल दुबे मेमोरियल संस्थान, केकड़ी में विद्या की देवी माँ सरस्वती के पावन जन्मदिन बसंत पंचमी के अवसर पर शैक्षिक एवं राष्ट्रभक्तिपूर्ण कार्यक्रमों का दोहरा आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। श्री मिश्रीलाल दुबे उच्च माध्यमिक अकादमी, केकड़ी के परिसर में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) का संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्य अतिथि चंद्र प्रकाश दुबे ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। पीले फूलों व सजावट से सजे परिसर में विद्यार्थियों ने पीले वस्त्र धारण कर उत्सव में भाग लिया। नेताजी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया तथा छात्रों ने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” के जयघोष से वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम में नन्हे छात्रों द्वारा बसंत पर कविताएँ प्रस्तुत की गईं तथा वरिष्ठ छात्रों ने नाटक के माध्यम से आजाद हिंद फौज के संघर्षों को जीवंत किया। देशभक्ति गीतों व समूह नृत्य ने समां बांध दिया प्रधानाचार्य नरेन्द्र कुमार पारीक ने अपने संबोधन में कहा, “आज का दिन हमें ज्ञान के साथ-साथ साहस और राष्ट्र सेवा का मार्ग दिखाता है।”

आचार्य विकास सिंह, दिनेश चौधरी तथा कक्षा 9 के छात्र नैतिक साहू एवं अक्षरा मोची ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ। एम एल डी बालिका विद्यालय में 22 नन्हें बच्चों का विद्यारम्भ संस्कार विधि-विधान से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. भगवान सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत बिजासन माता मंदिर एवं बालाजी मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा से हुई। विद्यालय प्रवेश द्वार पर प्रधानाचार्य विनीता जोशी एवं संगीता कुमावत ने अभिभावकों का चरण धोकर स्वागत किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, वंदना एवं यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसका संचालन शास्त्री जी ब्रह्मानंद शर्मा ने किया। पाटी-पोती पूजन एवं हस्तलेखन का कार्यक्रम विनीता जोशी द्वारा करवाया गया। संस्कार पूरा होने पर बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा नवप्रवेशित बालक-बालिकाओं को शैक्षिक सामग्री भेंट की गई। सभी अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक शिशु कक्षाओं का अवलोकन किया।

प्रधानाचार्य श्रीमती विनीता जोशी ने बताया कि यह 16 संस्कारों में दसवां महत्वपूर्ण संस्कार है, जो बच्चे की शैक्षिक यात्रा का प्रारंभ माना जाता है। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्यगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संस्थान द्वारा आयोजित यह दोहरा कार्यक्रम सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण एवं राष्ट्र नायकों के प्रति श्रद्धा का सुंदर उदाहरण था। अंत में शांति मंत्र का उच्चारण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

You cannot copy content of this page