मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण, 1500 से अधिक लोगों ने उठाया लाभ
केकड़ी 12 जनवरी (केकड़ी पत्रिका/अम्बा लाल गुर्जर) सोमवार को राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय केकड़ी एवं भारत विकास परिषद शाखा केकड़ी के संयुक्त तत्वावधान में मौसमी बीमारियों से बचाव एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयुर्वेदिक क्वाथ (काढ़ा) निर्माण एवं वितरण का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरिराज जी साहू ,डॉ. धर्मचन्द नापित के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में मनमोहन आछेरा (नर्सिंग अधीक्षक), वरिष्ठ कम्पाउण्डर मनोज कुमार टेलर, सत्यनारायण बैरागी, भागचन्द कायत, नागरिक सुरक्षाकर्मी धर्मराज, लेखराज, विनोद, जौघराज सिंह, रामनिवास कहार सहित आयुर्वेद विभाग के स्टाफ एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी के सहयोग से आयुर्वेदिक औषधियों से युक्त काढ़े का निर्माण कर जनमानस को वितरित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. गिरिराज जी साहू एवं भारत विकास परिषद के अध्यक्ष बहादुर सिंह शक्तावत व द्वारा भगवान धन्वंतरि की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात काढ़ा वितरण आरंभ हुआ, जिसमें क्षेत्र के लगभग 1500 से अधिक लोगों ने काढ़े का सेवन कर लाभ प्राप्त किया।

इस अवसर पर आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकों द्वारा उपस्थित नागरिकों को मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी, खांसी, जुकाम, वायरल संक्रमण आदि से बचाव के आयुर्वेदिक उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही स्वच्छता, संतुलित दिनचर्या, आहार-विहार एवं योग-प्राणायाम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि नियमित रूप से आयुर्वेदिक काढ़े का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और मौसमी रोगों से बचाव में सहायक होता है।कार्यक्रम में भारत विकास परिषद के सचिव रामनिवास जैन, कोषाध्यक्ष हीरालाल सामरिया, परिषद के विकास रत्न गोपाल लाल वर्मा, वरिष्ठ सदस्य महावीर पारीक, गोपाल सोनी ,गुलाबचंद सोमानी, अनिल राठी , रामनरेश विजय , निहालचंद मेडतवाल, सर्वेश विजय, राजेश लखोटया, शिवकुमार बियाणी, यज्ञ नारायण सिंह, कैलाश चंद्र जैन, कमल विजय, राम गोपाल सैनी ओम प्रकाश मेडतवाल , नंदलाल गर्ग सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए आयुर्वेद विभाग के प्रयासों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
आयोजन के अंत में प्राचार्य डॉ. गिरिराज जी साहू ने सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनस्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को आयुर्वेद की उपयोगिता से जोड़ा जा सके।