बघेरा परीक्षा केंद्र पर गंभीर लापरवाही: दसवीं बोर्ड परीक्षा में वीक्षक ने गलत प्रश्न पत्र बांटे,विद्यालय ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

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बघेरा 18 मार्च(केकड़ी पत्रिका/ललित नामा) कहा जाता है जब खेत की बाढ़ ही खेत को खाने लगे तो किसी और से क्या उम्मीद करे.. जिन शिक्षकों के हाथों में बच्चों का भविष्य हो जब वह शिक्षक ही लापरवाही करने लगे तो सवाल उठने लाजमी है ,ऐसा ही मामला बघेरा स्कूल का सामने आया है । कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सोमवार को दसवीं बोर्ड परीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आई। परीक्षा केंद्र पर सामान्य श्रेणी की छात्रा को विशेष योग्यजन वर्ग का प्रश्न पत्र दे दिया गया, जिससे छात्रा और स्कूल प्रशासन में नाराजगी फैल गई। नाराज लोग और अभिभावक जब स्कूल पहुंच गए और स्कूल प्रशासन से शिकायत की तो स्कूल प्रशासन के हाथ पैर फूल गए ।
केंद्र पर पेपर वितरण में बड़ी चूक
दसवीं कक्षा के चल रहे पेपर के दौरान जब सोमवार को दसवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। नियमानुसार, सामान्य श्रेणी और विशेष योग्यजन श्रेणी के परीक्षार्थियों को अलग-अलग प्रश्न पत्र दिए जाते हैं। विशेष योग्यजन वर्ग के प्रश्न पत्र अपेक्षाकृत सरल होते हैं, जिनमें कम प्रश्न होते हैं और हल करने के लिए अधिक समय दिया जाता है। लेकिन बघेरा केंद्र पर वीक्षक द्वारा सामान्य श्रेणी की छात्रा को विशेष योग्यजन वर्ग का प्रश्न पत्र दे दिया गया जो कि लापरवाही की पराकाष्ठा है।
शिक्षकों को हुई जानकारी, फिर भी ‘सकुशल’ रिपोर्ट .
छात्रा परीक्षा देकर घर लौटी तो उसे इस गलती का एहसास हुआ। जब उसने स्कूल के शिक्षकों को इस बारे में बताया, तो स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर आपत्ति जताई। लेकिन परीक्षा केंद्र अधीक्षक ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को भेजी गई रिपोर्ट में यह उल्लेख किया कि परीक्षा सकुशल संपन्न हुई, जबकि प्रश्न पत्र वितरण में इतनी बड़ी चूक हुई थी।
कठोर कार्रवाई की मांग, लेकिन लिखित शिकायत नहीं
केंद्र पर बोर्ड परीक्षा में हुई इस गड़बड़ी और इस गंभीर घटना पर मुख्य ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी विष्णु शर्मा ने कहा कि मामला गंभीर है और इसका संज्ञान लिया जाएगा। हालांकि, अब तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
बोर्ड की परीक्षा में इस प्रकार की लापरवाही न केवल परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ है, बल्कि परीक्षा संचालन में प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस पर क्या कार्रवाई करता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई अनुशासनात्मक कदम उठाया जाता है या नहीं।
इनका कहना है:
” सामाजिक विज्ञान के पेपर में पेपर वितरण को लेकर जो गलती और घटना हुई वह वीक्षक की गलती है.. इस पर वीक्षक को कारण बताओ नोटिस दे दिया गया है और इस घटना के बारे में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को अवगत करा दिया गया है” – छोटू लाल, प्रधानाचार्य
