केकड़ी में रामायण ज्ञान परीक्षा का आयोजन: एम एल डी की छात्रा लता शर्मा रहीं जिले में प्रथम
केकड़ी 27 फरवरी (केकड़ी पत्रिका) शहर के श्री मिश्रीलाल दुबे उच्च माध्यमिक अकादमी, केकड़ी में विश्व हिंदू परिषद चित्तौड़ प्रांत के तत्वावधान में रामायण ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में रामायण के ज्ञान, भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों का विकास करना तथा युवा शक्ति को भगवान श्री राम के आदर्शों से जोड़ना था। आयोजकों के अनुसार, पूज्य गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस न केवल भगवान श्री राम के चरित्र का सुंदर व्याख्यान करता है, बल्कि आदर्श समाज की स्थापना का मार्ग भी प्रशस्त करता है। रामायण ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया जिसमें एम एल डी की छात्रा लता शर्मा रहीं जिले में प्रथम प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार ने बताया कि इसी भावना को आत्मसात करते हुए छात्रों में राष्ट्रीय गौरव का संचार करने के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में विद्यार्थियों को तीन वर्गों में बांटा गया था: बाल वर्ग (कक्षा 6 से 8), कनिष्ठ वर्ग (कक्षा 9 से 10) और वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 11 से 12)। अकादमी के इन तीनों वर्गों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए अकादमी की कक्षा 12वीं की छात्रा लता शर्मा पुत्री भागचंद शर्मा ने 100 में से 97 अंक प्राप्त कर जिला स्तर पर वरिष्ठ वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें ₹1100 का नकद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कनिष्ठ वर्ग (कक्षा 9-10) में अकादमी की छात्रा राधिका चौधरी पुत्री भागचंद जाट ने जिला स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
विद्यालय स्तर पर वरिष्ठ वर्ग में प्रथम स्थान लता शर्मा ने प्राप्त किया। वहीं द्वितीय स्थान पर आरती शर्मा और तृतीय स्थान पर संजय सैन रहे। बाल वर्ग (कक्षा 6-8) में एम.एल.डी. इंटरनेशनल एकेडमी के कक्षा 8 की छात्रा आराध्या दाधीच ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी वर्ग में पलक नामा व ट्विंकल साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। एम एल डी संस्थान के सचिव चंद्र प्रकाश दुबे, निदेशक डॉ. अविनाश दुबे, अनिरुद्ध दुबे, प्रधानाचार्य नरेंद्र कुमार पारीक, संगीता कुमावत और विनीता जोशी ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परीक्षाओं से छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है और वे भगवान राम के आदर्श चरित्र से प्रेरणा लेकर एक अच्छे नागरिक बन सकते हैं।