23 February 2026

राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरधा एक कमरा में संचालित हो रहा राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरधा,

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कुशायता 23 फरवरी (केकड़ी पत्रिका/ हंसराज खारोल) ग्राम पंचायत गोरधा मुख्यालय स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरधा का संचालन पिछले दो वर्षों से मात्र एक ही कमरे में किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह कमरा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के लिए आवंटित आवास का हिस्सा है, जिसमें अस्थायी रूप से स्वास्थ्य केंद्र संचालित किया जा रहा है। पर्याप्त भवन व्यवस्था नहीं होने के कारण मरीजों, आमजनों एवं स्टाफ को गंभीर असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा द्वारा इस स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति दी गई थी। स्वीकृति मिलने के बावजूद आज तक केंद्र के लिए अलग भवन का निर्माण नहीं हो पाया है।

वर्तमान स्थिति यह है कि एक ही कमरे में दवाइयों का भंडारण किया जा रहा है, वहीं डॉक्टर व स्टाफ बैठते हैं और उसी स्थान पर मरीजों की जांच भी की जाती है। इससे मरीजों की गोपनीयता प्रभावित हो रही है तथा उपचार व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। केंद्र पर छह कर्मचारियों का स्टाफ स्वीकृत है, लेकिन बैठने और कार्य करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है।

सेक्टर मीटिंग के दौरान कुशायता, बिसुन्दनी, मोटलाव, उदय सागर, उमेदपुरा, बनेडिया, किशनपुरा, सुरजपुरा, कीडवा का झोपड़ा, चिकलिया, लोधा का झोपड़ा, सोकिया का खेड़ा, गोपालपुरा आदि गांवों से आने वाले कर्मचारियों व जनप्रतिनिधियों के लिए बैठक आयोजित करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कई बार बैठकें राजीव गांधी सेवा केंद्र गोरधा में आयोजित करनी पड़ती हैं।
स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर राजेंद्र बाजिया ने बताया कि नए भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर जयपुर भेज दिया गया है तथा विभाग के आला अधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के क्वार्टर में ही स्वास्थ्य केंद्र संचालित करना मजबूरी है।

गोरधा ग्राम सेवा सहकारी समिति के उपाध्यक्ष गोपाल मीणा सहित भवानीराम मीणा, रमेश सेन, रामप्रसाद बलाई, महावीर मीणा और हीरा मीणा ने प्रशासन से शीघ्र भवन निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की बढ़ती आबादी को देखते हुए राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरधा का पूर्ण सुविधाओं के साथ संचालन अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान अव्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

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