सेवा और संवेदना के साथ मनाया गया सुरेश रामचन्दानी (बंटी) का जन्मदिन जन्मदिन को बनाया सार्थक, दिव्यांग बच्चों के बीच बिताया समय
बिजयनगर 10 फरवरी (केकड़ी पत्रिका/तरनदीप सिंह) समाजसेवी सोच और मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सुरेश रामचन्दानी (बंटी) ने अपना जन्मदिन सेवा और समर्पण के साथ मनाया। इस अवसर को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए उन्होंने दिव्यांग बच्चों के बीच समय बिताकर खुशियाँ बाँटी और उनके साथ जन्मदिन की खुशियों को साझा किया।कार्यक्रम की शुरुआत माँ अन्नपूर्णा के आशीर्वाद के साथ की गई। इसके बाद दिव्यांग बच्चों के साथ मिलकर केक काटा गया और उन्हें फल, मिठाई व आवश्यक सामग्री वितरित की गई। सुरेश रामचन्दानी ने बच्चों के साथ समय बिताते हुए उनसे बातचीत की और उनका उत्साह बढ़ाया।
इस मौके पर उपस्थित लोगों ने कहा कि जन्मदिन जैसे निजी उत्सव को समाज सेवा से जोड़ना एक प्रेरणादायक पहल है। आज के समय में ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों को जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देते हैं।सुरेश रामचन्दानी ने कहा कि जन्मदिन केवल खुशियाँ मनाने का दिन नहीं बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को याद करने का अवसर भी होता है। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद और दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें आत्मिक संतोष मिला।केक से आगे बढ़कर करुणा तकयह जन्मदिन केवल उत्सव नहीं बल्कि समाज को संदेश देने वाला आयोजन बन गया। सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना के साथ मनाया गया यह जन्मदिन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।उत्सव नहीं, संदेश बना जन्मदिनइस अवसर ने यह साबित किया कि खुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं और यदि हर व्यक्ति अपने खास दिन पर समाज के लिए कुछ अच्छा करने का संकल्प ले तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।