ऐतिहासिक आज़ाद चौक की साफ-सफाई सराहनीय, आज़ाद चबूतरे के सौंदर्यकरण की दरकार
बघेरा 25 जनवरी (केकड़ी पत्रिका) धार्मिक व ऐतिहासिक कस्बा बघेरा के हृदय स्थल पर स्थित किले के सामने, बैंक के पास स्थित आज़ाद चौक किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यही वह स्थान है जहाँ से स्वतंत्रता संग्राम के दौरान आज़ादी की लड़ाई लड़ी गई थी। उसी ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक के रूप में आज़ाद चौक पर एक आज़ाद चबूतरा स्थापित है, जहाँ प्रतिवर्ष 15 अगस्त एवं 26 जनवरी को तिरंगा झंडा फहराया जाता है।
परंपरा के अनुसार, ग्राम स्तर पर खेल मैदान में आयोजित होने वाले समारोह से पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा स्कूली बच्चों की उपस्थिति में आज़ाद चौक पर ध्वजारोहण किया जाता रहा है, जो वर्षों से चली आ रही एक गरिमामयी परंपरा है।
कुछ माह पूर्व आज़ाद चौक क्षेत्र में जलापूर्ति योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण किया गया था। टंकी निर्माण करने के बाद चौक की साफ-सफाई व सौंदर्य प्रभावित हुआ। साथ ही से दौरान यहाँ पर पुराने चबूतरे की जगह एक नवीन चबूतरे का निर्माण भी किया गया।
रविवार को 26 जनवरी 2026 से एक दिन पूर्व, स्थानीय प्रशासन व ग्राम पंचायत द्वारा इस स्थिति को संज्ञान में लेते हुए आज़ाद चौक की जेसीबी मशीन से पंचायत कर्मचारियों की उपस्थिति में साफ-सफाई करवाई गई, जो निश्चित रूप से एक सराहनीय पहल है।
हालांकि, आज़ाद चौक पर स्थित वह ऐतिहासिक आज़ाद चबूतरा, जहाँ तिरंगा फहराया जाता है, अभी भी रंग-रोगन, मरम्मत एवं सौंदर्यकरण की प्रतीक्षा में है। स्थानीय नागरिकों व प्रबुद्धजनों का कहना है कि चबूतरे का मोडिफिकेशन, रंग-रोगन एवं सौंदर्यकरण किया जाना आवश्यक है, ताकि यह स्थल अपनी ऐतिहासिक गरिमा और राष्ट्रीय सम्मान के अनुरूप दिखाई दे।
उम्मीद तो बहुत है पर फिलहाल इस गणतंत्र पर इस ऐतिहासिक चबूतरे का रंग रोशन कर दिया जावे इसकी पुताई कर दी जावे तो इस चबूतरे की गरिमा को चार चांद लग जाए।
स्थानीय लोगों ने ग्राम पंचायत व प्रशासन से मांग की है कि गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों से पूर्व आज़ाद चबूतरे का कायाकल्प कर इसे एक आदर्श एवं प्रेरणादायक स्मारक स्थल के रूप में विकसित किया जाए।