बिसुदनी गाँव के बस स्टैंण्ड धोबी की नीमडी,एस आकार का मोड़ बना जानलेवा,बस स्टैंड पर मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा
कुशायता,22 जनवरी (केकड़ी पत्रिका/ हंसराज खारोल) ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय के क्षेत्र के गाँव बिसुदनी में धोबी की नीमड़ी स्थित बिसुदनी बस स्टैंड के पास रोड पर प्याऊ के समीप बना एस आकार का मोड़ लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते यहां बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उक्त मोड़ पर आए दिन दोपहिया व चारपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। विशेषकर रात्रि के समय दुर्घटना का खतरा अधिक बढ़ जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले भी कई बार वाहन चालक संतुलन खोकर सीधे बिसुदनी बांध की दाई नहर में जा गिरे, जिससे जन-धन की हानि होती रही है। ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय के क्षेत्र के गाँव बिसुदनी के ठाकुर देवेन्द्र सिंह शक्तावत, प्रहलाद सिंह शक्तावत, रविन्द्र सिंह शक्तावत, राजेन्द्र सिंह शक्तावत, हेमराज सिंह शक्तावत, ठाकुर लक्ष्मण सिंह शक्तावत, महावीर सिंह शक्तावत, महेन्द्र सिंह शक्तावत, गोपाल कहार, वार्ड पंच मुकेश धोबी, लालाराम धोबी, पप्पू रेगर, हरि ओम बलाई, देवराज बलाई, गोपीचंद रेगर, शंकर बलाई एवं राजू बलाई प्रहलाद गुजर रवि वैष्णव ओम प्रकाश मीणा सुरेश धोबी दिलीप सिंह शक्तावत बुध्दि सिह शक्तावत ने प्रशासन को बताया कि मौके पर स्पीड ब्रेकर लगाए तो गए हैं, लेकिन वे नाममात्र के हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहनों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले बनाया गया ढोला सड़क निर्माण कार्य के चलते रोड के बराबर हो गया है, जिससे उसकी उपयोगिता समाप्त हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि यहां बड़े व प्रभावी स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं तथा नवीन ढोले का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं, बिसुदनी बस स्टैंड के पास से निकल रही बिसुदनी बांध की दाई नहर पर स्थित ढोला सिंचाई विभाग के अधीन आता है।
सड़क निर्माण शुरू होने के समय ढोले के निर्माण की बात भी की गई थी, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदार बाला जी दयालपुरा इंफ्रा लिमिटेड अजमेर द्वारा सीमेंट का पाइप लगाकर ढोला बनाना चाहता था लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारी ने बोला था कि ढोला पर पठाव रख कर ढोला बनावो लेकिन दोनों बीच आपसी सहमति नहीं बनने के कारण अब तक ढोले का निर्माण नहीं हो सका है।ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर विभागीय समन्वय के साथ समस्या का समाधान करने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।