आसींद की बहू रुखसार पठान ने ऑल इंडिया बार परीक्षा में लहराया परचम,क्षेत्र में खुशी की लहर
आसींद 09 जनवरी (केकड़ी पत्रिका/विजयपाल सिंह राठौड़ )(भीलवाड़ा)। आसींद की बहुओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे शिक्षा के क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं। कस्बे की बहू कुम. रुखसार पठान ने प्रतिष्ठित ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE-XX) में शानदार सफलता हासिल कर अधिवक्ता (वकील) बनने की योग्यता प्राप्त की है।
इस खबर के बाद से ही उनके परिवार और शुभचिंतकों में जश्न का माहौल है।शिक्षित परिवार का मिला भरपूर साथरुखसार पठान एक प्रतिष्ठित और शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके ससुर अब्दुल फारूक शेख, जो कि एक सीनियर नर्सिंग अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि उनकी बहू ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। उनके पति मोइन फारुख शेख ने भी उनकी इस शैक्षणिक यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया।
प्रेरणा बनीं रुखसार हाल ही में जारी हुए परीक्षा परिणामों में सफलता प्राप्त कर रुखसार ने यह संदेश दिया है कि शादी के बाद भी अगर लक्ष्य बड़ा हो और परिवार का सहयोग मिले, तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। उनकी इस उपलब्धि पर आसींद क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।रुखसार पठान की इस सफलता के मुख्य विवरण इस प्रकार हैं, जो उनके शैक्षणिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं:सफल अभ्यर्थी का परिचय: कुम. रुखसार पठान, जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद कानून (LL.B.) की पढ़ाई पूरी की।
उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की All India Bar Examination (AIBE-XX) को पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर अपनी कानूनी योग्यता सिद्ध की है। अब वे देश के किसी भी न्यायालय में वकालत करने के लिए अधिकृत हो गई हैं।पारिवारिक पृष्ठभूमि: रुखसार एक ऐसे परिवार की बहू हैं जहाँ शिक्षा को सर्वोपरि माना जाता है। उनके ससुर अब्दुल फारूक शेख, जो चिकित्सा जगत में सीनियर नर्सिंग अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, उन्होंने अपनी बहू की पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी। परिवार का मानना है कि एक शिक्षित बहू पूरे घर और समाज को शिक्षित करती है।जीवनसाथी का सहयोग: इस शैक्षणिक यात्रा में उनके पति मोइन फारुख शेख की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
उन्होंने रुखसार के सपनों को अपनी प्राथमिकता बनाया और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान हर संभव सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान किया, जो आज के समय में महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है।परीक्षा की जटिलता: ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) एक राष्ट्रीय स्तर की अनिवार्य परीक्षा है, जिसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित किया जाता है। इसे पास करना किसी भी कानून स्नातक (Law Graduate) के लिए अधिवक्ता के रूप में करियर शुरू करने की सबसे बड़ी चुनौती होती है, जिसे रुखसार ने सफलतापूर्वक पार किया।भावी लक्ष्य: रुखसार अब न्यायपालिका और वकालत के क्षेत्र में अपना करियर बनाकर समाज के गरीब और जरूरतमंद तबकों को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य करना चाहती हैं।
क्षेत्रवासियों ने दी बधाई : आसींद क्षेत्र के प्रबुद्धजनों और परिजनों का कहना है कि रुखसार की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव की बात है, बल्कि समाज की अन्य बेटियों और बहुओं के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।