किसानों के बेरी हुए जंगली सुअर भंयकर कर रहे नुकसान
सरवाड़ 08 जनवरी (केकड़ी पत्रिका/ओमप्रकाश सिंह राठौड़ )सरवाड़ उपखण्ड क्षेत्र में आजकल पिछले तीन साल से जंगली सुअरों का भारी आंतक हो रहा है पिछली खरीफ फसल भी जहां अतिवृष्टि से चौपट हो गई थी और जिन किसानों ने कपास ( बिटी ) फसल बोई थी उस फसल को सुअरो ने नष्ट कर दिया था अब जहां रबी फसल अच्छी होने की किसानों को आशा बंधी है इन जंगली सुअरों ने तबाही मचाना शुरू कर दिया सरसों गेहूं जौ फसलों को तहस-नहस कर रहे हैं किसान भंयकर सर्दी में ठिठुरते हुए रात्री में रखवाली करने जाते हैं फिर भी भारी नुक्सान पहुंचा रहे हैं।
गोयला के किसानों पृथ्वी बन्ना किशन कुम्हार नोरत मल मुकेश प्रजापति श्योजी राम जगदीश दरोगा सत्यनारायण जाट रामलाल औम सिंह राठौड़ गोयला हरदयाल रेगर घासी राम छोटूराम रेगर भाया बन्ना मोडू कैलाश रावणा राजपूत सहित ने बताया कि पहले नील गायों (रोजडो) का आंतक था इनसे सुरक्षा के लिए किसानों ने तारबंदी करवा कर छुटकारा मिला लेकिन अब इस जंगली सुअरों का आंतक शुरू हो गया यह तारों के नीचे से घुस जाते हैं और अंधेरे में भगाने पर हमला कर देते हैं ऐसी स्थिति में किसानों के चेहरे मुरझाने लग गये किसानों का सरकार और वन विभाग से कहना है कि इस समस्या का समाधान करने हेतु कारगर कदम उठा कर किसानों को राहत दिलावे अन्यथा किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा सकते हैं ये जंगली सुअर ।