कटार गांव की मुख्य सड़क बनी ‘मुसीबत की राह’, प्रशासन की अनदेखी से राहगीर बेहाल
आसींद 03 जनवरी (केकड़ी पत्रिका/विजयपाल सिंह राठौड़) कटार गांव स्थानीय प्रशासन की लापरवाही और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच कटार गांव में सड़क आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सड़क पर पसरे कीचड़ और गंदगी के साम्राज्य ने ग्रामीणों और राहगीरों का जीना मुहाल कर दिया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं।
कीचड़ के कारण पैदल चलना भी हुआ दूभर पिछले कुछ समय से कटार गांव में सड़क पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर जलजमाव और भारी कीचड़ के कारण आए दिन राहगीर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस रास्ते से गुजरने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दुपहिया वाहन चालक भी इस कीचड़ में अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। प्रशासनिक उदासीनता से ग्रामीणों में रोष ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के बारे में कई बार स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को अवगत कराया गया है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।