ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय पर पशु चिकित्सा उप-केन्द्र खोलने की मांग
कुशायता 30 दिसम्बर ( केकड़ी पत्रिका/हंसराज खारोल) अजमेर जिले के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय पर पशु चिकित्सा उप-केन्द्र (पशु चिकित्सा लघु केन्द्र) खोलने की मांग जोर पकड़ने लगी है। ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पशु चिकित्सा केन्द्र नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अपने पशुओं के इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से गाय, भैंस, बकरी व भेड़ जैसे पशुओं की मौत हो रही है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का इलाज करवाने के लिए लगभग सात किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जो गंभीर स्थिति में बेहद कठिन हो जाता है।ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय के किसान सोजी नाथ योगी, भागचंद मीणा, कालूराम खारोल, दशरथ खारोल, जगदीश खारोल, भेरू बैरवा सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि जिले की लगभग सभी ग्राम पंचायतों के मुख्यालयों पर पशु चिकित्सा उप-केन्द्र स्थापित हैं, लेकिन कुशायता पंचायत मुख्यालय इस मूलभूत सुविधा से आज भी वंचित है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत कुशायता की प्रशासक रसाल देवी खारोल, शिवराज, सुरजकरण बैरवा, राधेश्याम खाती, पूर्व सरपंच किशन लाल मेघवंशी, राजेश मीणा, प्रेमराज गुर्जर, लालाराम बैरवा व ओमप्रकाश बैरवा ने भी पशु चिकित्सा उप-केन्द्र खोलने की आवश्यकता को गंभीर बताया।ग्रामीणों ने राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पशुपालन मंत्री तथा केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम से ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय पर शीघ्र पशु चिकित्सा उप-केन्द्र खोलने की अतिशीघ्र ही मांग की जाएगी| ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके और पशुओं की अकाल मृत्यु पर रोक लगाई जा सके।