कला का अद्भुत संगम: नेहा और सरिता काबरा द्वारा श्री सरेरी श्याम जी की मनमोहक झाँकी
आसींद 30 नवम्बर (केकड़ी पत्रिका/विजयपाल सिंह राठौड़ )कला और भक्ति का एक अनुपम मिश्रण हाल ही में देखने को मिला, जब स्थानीय कलाकाराओं नेहा काबरा और सरिता काबरा ने मिलकर श्री सरेरी श्याम जी की एक अत्यंत सुन्दर और सजीव झाँकी (तस्वीर) का निर्माण किया। इस कलाकृति ने दर्शकों और श्याम प्रेमियों का मन मोह लिया है।
नेहा और सरिता काबरा द्वारा बनाई गई यह तस्वीर केवल एक चित्र नहीं, बल्कि श्रद्धा और रचनात्मकता का एक जीता-जागता प्रमाण है।
कलाकृति की विशेषताएँ
श्याम स्वरूप: तस्वीर में श्री सरेरी श्याम जी के मनमोहक स्वरूप को दर्शाया गया है, जिसकी छवि अत्यंत शांत और दिव्य है।सजावट और कारीगरी: कलाकृति में वस्त्रों और आभूषणों पर विशेष ध्यान दिया गया है। चमकीले पत्थरों, मोतियों और गोटा-पट्टी के बारीक काम से इसे सजाया गया है।आभूषण: श्याम जी के गले में लंबी और चौकोर मोतियों की मालाएँ, जो पारंपरिक राजस्थानी कारीगरी की याद दिलाती हैं।पगड़ी और मुकुट: पगड़ी पर सुनहरे और नारंगी रंग का प्रयोग किया गया है, जिसके शीर्ष पर एक भव्य मोरपंख शोभा बढ़ा रहा है, जो श्याम जी की पहचान है।वस्त्र: नीले और नारंगी रंग के परिधान में सितारे और छोटे दर्पण (शीशा) जड़े हुए हैं, जो झाँकी को एक अलौकिक चमक प्रदान कर रहे हैं।

कलाकारों की भावना
नेहा काबरा और सरिता काबरा ने बताया कि यह कलाकृति उनके लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उनकी गहरी आस्था का प्रतीक है। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से श्याम बाबा के प्रति अपनी भक्ति को व्यक्त करने का प्रयास किया है। उनकी यह मेहनत और लगन इस अद्भुत रचना में साफ झलकती है।इस भव्य कलाकृति को देखकर यह स्पष्ट है कि नेहा और सरिता काबरा ने अपनी कला और भक्ति से समाज को एक सुन्दर संदेश दिया है। उनकी यह कृति निश्चित रूप से श्री सरेरी श्याम जी के भक्तों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। यह कलाकृति निश्चित रूप से स्थानीय कला और धार्मिक श्रद्धा को एक नई ऊँचाई प्रदान करती है।