गोरधा में स्क्रब टाइफस के चार मरीज मिले,स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
कुशायता 16 अक्टूबर (केकड़ी पत्रिका/ हंसराज खारोल) ग्राम पंचायत गोरधा मुख्यालय के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोरधा में स्क्रब टाइफस के 4 मरीज आने आने पर गोरधा में हड़कंप मच गया।
गोरधा में स्क्रब टाइफस मोना देवी जैन 31 वर्ष पत्नी महावीर जैन जेन मोहल्ला निवासी गोरधा खुशी कुमारी मीणा 13 वर्ष पिता फोरू मीणा मीणा मोहल्ला गोरधा जसवंत जैन 6 वर्ष पुत्र शांतिलाल जैन जैन मोहल्ला गोरधा,रेनुका जैन 35 वर्ष पत्नी शांतिलाल जैन निवासी गोरधा ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय के क्षेत्र के गाँव बिसुदनी के माली मोहल्ला में विमला सेन 70 वर्ष पत्नी भंवरलाल सेन निवासी बिसुदनी ग्राम पंचायत पिपलाज में मोहन लाल 67 वर्ष ग्राम पंचायत सदारी में रेखा देवी 30 वर्ष पत्नी रामराज भागचन्द्रं 25 वर्षपुत्र कन्हैया लाल निवासी सदारी ,ग्राम पंचायत गोरधा मुख्यालय के राजकीय पशु चिकित्सालय केन्द्र गोरधा एवं राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोरधा डॉक्टर राजेंद्र बाजिया एवं पशुपालन विभाग से समन्वय स्थापित कर टीमें गठित कर सर्वे किया दवाईयां उपलब्ध कराई एवं माइट्स रोधी छिड़काव किया गया।
बारिश,जलसंग्रहण,टांका घरों के परिंडे, पुराने टायर में पानी जमा आदि एन्टी लार्वा एक्टिविटी बारे कार्य किया टीम में शामिल ग्राम पंचायत गोरधा मुख्यालय के राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोरधा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी प्रदीप झारोटिया राजकीय पशु चिकित्सा केन्द्र गोरधा कंपाउंडर सत्यनारायण रेगर पशुपालन विभाग एवं आशा सहयोगिनी मन्जू मेघवंशी ,रामरसी वैष्णव द्वारा सर्वे एवं दवाईयां उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय के क्षेत्र के गाँव बिसुदनी में माली मोहल्ला में स्क्रब टाइफस के 1 मरीज पाया गया है
राजकीय पशु चिकित्सा केन्द्र बिसुदनी के डॉक्टर रूही मीणा के निर्देश पर कंपाउंडर लोकेश कुमार सांमरिया गोवर्धन पवार ने गुरुवार को बिसुदनी पहुंचकर साईपरमेर्थिन का स्पेन किया गया है ताकि बीमारी फेलने वाले माइटस को मारा गया है ग्राम पंचायत कुशायता मुख्यालय के क्षेत्र के राजकीय पशु चिकित्सा केन्द्र बिसुदनी डॉक्टर रूही मीणा ने बताया कि यह बैक्टीरिया जनित बीमारी माइटस के लार्वा के काटने से फेलती है, जो व्यक्ति पशुओ से संपर्क में ज्यादा रहते हैं उनमें यह होने की संभावना ज्यादा रहती है।
पशुओ पर सामान्यतया ये माइटस पाए जाते हैं ओर जब कोई व्यक्ति इनके संपर्क में आता है तो ये माइटस उसे काट लेते हैं ओर इस प्रकार ये बीमारी मनुष्य में आती है|मनुष्य में तेज बुखार सिरदर्द बदन दर्द शरीर पर खुजलीनुमा चकतेदार दाने गंभीर स्थिति में फेफड़े लीवर दिमाग ( एनसेफेलाइटीस) को प्रभावित करता है| इससे बचाव के लिए पशुओ के शरीर व उनके बांधने के स्थान पर साईपरमेर्थिन परमेर्थिन का स्पे किया जाता है ताकि बीमारी फेलने वाले माइटस को मारा जा सके।
इस बीमारी से बचाव के लिए पशु चिकित्सक की सलाह पर पशुओ पर ओर पशुओ के बांधने के स्थान पर साईपरमेर्थिन का छिडकाव करे ओर पुरी बांह के कपड़े पहने।