साइबर अपराध से बचाव को लेकर छात्राओं को किया जागरूक

अरांई 21 अगस्त (केकड़ी पत्रिका/संजीव पाराशर ) राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अरांई में गुरुवार को साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत स्कूली छात्राओं को साइबर सुरक्षा, महिला एवं बालिका अपराध की रोकथाम और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में थानाधिकारी भोपाल सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ साइबर अपराधों की संख्या भी बढ़ रही है। अपराधी तकनीक का दुरुपयोग कर भोले-भाले लोगों को शिकार बना रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि युवा वर्ग, विशेषकर छात्राएँ, सतर्क रहें। जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। यदि हर नागरिक साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहेगा तो अपराधियों को सफल होने का मौका ही नहीं मिलेगा। थानाधिकारी भोपाल सिंह ने विस्तार से महिला एवं बालिका अपराधों की रोकथाम और उनसे बचाव के तरीके बताए।
टोल फ्री नंबर 112 के बारे मे दी जानकारी
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि यदि कभी सोशल मीडिया पर कोई परेशान करता है या अनुचित संदेश भेजता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर दें।राजकोप एप और 112 की जानकारी दी -थानाधिकारी भोपाल सिंह ने छात्राओं को राजस्थान पुलिस के ‘राजकोप एप’ के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस एप को मोबाइल में डाउनलोड कर कोई भी व्यक्ति आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से जुड़ सकता है। साथ ही उन्होंने ‘112’ आपातकालीन नंबर के महत्व को समझाया। कहा कि यह नंबर याद रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, क्योंकि किसी भी आपात स्थिति में इससे तुरंत मदद मिल सकती है।बताए साइबर सुरक्षा उपाय – कार्यक्रम में कांस्टेबल सूरज ने छात्राओं को साइबर अपराध से बचने के सरल और कारगर उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अजनबियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें, पासवर्ड हमेशा मजबूत व गोपनीय रखें। उन्होंने यह भी समझाया कि बैंक या एटीएम से जुड़ी जानकारी किसी अजनबी को साझा न करें, क्योंकि अक्सर धोखेबाज कॉल या मैसेज के जरिए लोगों को फंसा लेते हैं। उन्होंने छात्राओं को सतर्क करते हुए कहा कि यदि कोई लिंक संदिग्ध लगे तो उस पर क्लिक न करें।छात्राओं में उत्साह और जिज्ञासा – इस दौरान छात्राओं ने भी कई सवाल पूछे। कुछ ने ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान सामने आने वाली समस्याओं पर चर्चा की तो कुछ ने सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर जिज्ञासा जताई। पुलिस अधिकारियों ने धैर्यपूर्वक सभी प्रश्नों के उत्तर दिए और छात्राओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की समस्या में पुलिस हमेशा उनके साथ है। थानाधिकारी भोपाल सिंह ने कहा कि विद्यालय स्तर से ही ऐसी पहल जरूरी हैं ताकि भविष्य की पीढ़ी तकनीक का सुरक्षित और सकारात्मक इस्तेमाल करना सीख सके।
शिक्षकों ने सराही पहल –
प्रधानाचार्या हेमलता शर्मा ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज में अधिक सजग नागरिक के रूप में विकसित होती हैं। उन्होंने पुलिस विभाग के अभियान की सराहना की। कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य बाबूलाल शर्मा, गुणमाला मेहता व्याख्याता, भावना शर्मा, धन्नालाल तालोड, स्वाति शर्मा, चंचल गुप्ता सहित छात्राएं मौजूद रही। फोटो 01 – अरांई बालिका विद्यालय में छात्राओं को जानकारी देते हुए पुलिस। फोटो 02 अरांई बालिका विद्यालय में पुलिस से सवाल करते हुए छात्रा।