ग्राम लसाड़िया में युवाओं की मिसाल: 50 बीघा अनुपयोगी भूमि पर बोई गई ज्वार, गोवंश के लिए बनेगी गोशाला

लसाड़िया 11 जुलाई (केकडी पत्रिका/अम्बा लाल गुर्जर):ग्राम लसाड़िया के युवाओं ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए वर्षों से अनुपयोगी पड़ी 50 बीघा भूमि को नया जीवन दे दिया। युवा मोटिवेटर नंदकिशोर ओझा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में ग्राम की युवा टीम ने इस जमीन की सफाई कर उसमें ज्वार की फसल बोई, जो भविष्य में निराश्रित गोवंश के चारे के लिए उपयोग में ली जाएगी।
ग्रामीणों ने दिया पुनीत कार्य में सहयोग
इस अभियान में ग्रामवासियों का उत्साह और एकजुटता देखने लायक रही। गाँव के सभी ट्रैक्टर मालिकों ने निशुल्क सेवा देकर इस पुनीत कार्य में सहयोग किया, जिससे खेत की सफाई और जुताई संभव हो सकी। सामूहिक श्रमदान और सेवा भावना के चलते यह भूमि अब हरियाली की ओर अग्रसर हो गई है।युवाओं की योजना है कि इसी भूमि पर निकट भविष्य में स्थायी गोशाला का निर्माण किया जाएगा, जिससे बेसहारा और बीमार गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिल सके।

सामूहिक संकल्प और निःस्वार्थ सेवा का फल
नंदकिशोर ओझा ने बताया कि “यह सिर्फ शुरुआत है, आने वाले समय में गाँव में पशु सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास को और गति दी जाएगी।”ग्रामवासियों और वरिष्ठ जनों ने इस अभूतपूर्व प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि “ऐसे कार्य ही गाँव की असली ताकत होते हैं, जब युवा जागते हैं तो विकास की दिशा भी बदलती है।”यह पहल न केवल गोसेवा का आदर्श उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सामूहिक संकल्प और निःस्वार्थ सेवा से कोई भी कार्य संभव हुवा इस सामूहिक योगदान में ग्राम के लाला राम बलाई बुद्धिप्रकाश माली लोकेश वैष्णव राजू खाती मुरली शर्मा भँवर लाल बलाई करण सिंह शिवराज शर्मा विनोद बैरवा कपिल दिलकश बसंत जीतराम आदि युवाओं का सहयोग रहा