आस्था का धंधा : लाल धागे वाला बाबा, अंधविश्वास का कारोबारी ? या कोई चमत्कारी, बिना डिग्री, बिना जांच की दवाई से करोड़ों की कमाई –प्रशासन बना तमाशबीन

- केकड़ी से अंबा लाल गुर्जर की रिपोर्ट
केकड़ी 03 जुलाई (केकड़ी पत्रिका) राजस्थान के अजमेर जिले के सावर उपखण्ड का छोटा सा गांव मेहरूखुर्द इन दिनों काफी चर्चा में है, लेकिन किसी उपलब्धि के कारण नहीं, बल्कि एक तथाकथित चमत्कारी कारोबार के चलते। यहां एक खुद को बाबा बताने वाला व्यक्ति जो बिना किसी डिग्री और चिकित्सा ज्ञान के खुलेआम लोगों को दवाइयां बांट रहा है और चमत्कार के नाम पर…..कमा रहा है।
न डॉक्टर,न वैद्य –फिर भी इलाज का दावा
बाबा सिर्फ 12 वीं पास है। न कोई डॉक्टर की डिग्री है, न वैद्याचार्य की पढ़ाई, न दवाओं का लाइसेंस। फिर भी दावा करता है कि उसके धागे और दवा से निःसंतान दंपती को संतान मिल जाती है। बिना किसी मेडिकल जांच के बनाई गई ये दवाएं किसी लैब से टेस्टेड नहीं हैं, न ही उनके साइड इफेक्ट्स का कोई रिकॉर्ड है। सवाल ये है आखिर इस झूठे चमत्कार को रोकने वाला कोई क्यों नहीं है ?–चमत्कार से चढ़ावा –और कमाई स्थानीय लोगों की माने तो बाबा के पास हर रोज दर्जनों लोग इलाज के लिए आते हैं। कोई लाल धागा बंधवा रहा है, कोई “गुप्त जड़ी-बूटी” ले जा रहा है।बाबा की कमाई लाखों में नहीं, करोड़ों में जा रही है।गांव में आलीशान घर, गाड़ियां, बाउंसर प्रचार के पोस्टर-बैनर — सब कुछ है, बस कानून और प्रमाण की गैरहाजिरी है।
प्रशासन मौन –आंखें बंद कर देख रहा तमाशा
इतनी बड़ी खुली …..होने के बावजूद, प्रशासन खामोश है।न स्वास्थ्य विभाग कोई जांच करता है,न पुलिस कोई कार्रवाई करती है,न जिला अधिकारी पूछते हैं कि बिना लाइसेंस दवा कैसे बेची जा रही है?चुप्पी केवल लापरवाही है, या किसी दबाव का नतीजा?अंधविश्वास का जाल – कब समझेगा समाज?जब भारत दुनिया की सबसे बड़ी चिकित्सा व्यवस्था बना रहा है, ISRO चाँद पर पहुंच रहा है,तब गांवों में धागा बांधकर संतान मिलने की बात करना कितना खतरनाक है, सोचिए।यह न केवल लोगों की भावनाओं के साथ धोखा है, बल्कि बीमारियों के असली इलाज को नजरअंदाज करने का खतरा भी हैं।
तत्काल कार्रवाई की मांग
1. दवा का लैब टेस्ट कराया जाए – क्या ये सुरक्षित हैं?
2. बाबा के आय का स्रोत और टैक्स रिकॉर्ड की जांच हो।
3. कानून के तहत कार्रवाई हो — क्योंकि बिना डिग्री दवा देना अपराध है।धर्म के नाम पर खेल रही ये दुकान अब बंद होनी चाहिए।सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सच्चाई को सामने लाएं, और कार्रवाई करें।
✍️ रिपोर्ट: [अम्बा लाल गुर्जर, केकडी